उत्तर प्रदेश छात्रवृत्ति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें सामान्य वर्ग के हजारों छात्रों के bank account में निर्धारित राशि से अधिक रकम भेजे जाने की बात सामने आई है। यह मामला एक प्रमुख अखबार की रिपोर्ट के आधार पर उजागर हुआ है, जिसके बाद समाज कल्याण विभाग में हलचल मच गई है। इसी गड़बड़ी की वजह से कई छात्रों की UP Scholarship अभी तक नहीं पहुंच पाई है और portal पर उनका status forward न होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
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सामान्य वर्ग के छात्रों के खाते में तय सीमा से ज्यादा पैसा
रिपोर्ट के अनुसार, सामान्य श्रेणी के विद्यार्थियों के account में विश्वविद्यालय की निर्धारित फीस से भी अधिक रकम भेज दी गई है। अलग-अलग पाठ्यक्रमों के लिए शुल्क प्रतिपूर्ति की एक सीमा तय होती है, लेकिन गलती से कुछ छात्रों को उससे कहीं ज्यादा धनराशि मिल गई। ऐसे छात्रों की संख्या करीब 2000 से अधिक बताई जा रही है, जिनमें ज्यादातर बीएड पाठ्यक्रम से जुड़े हैं।
जहां कई कोर्स में विश्वविद्यालय फीस करीब ₹41,000 थी, वहीं कुछ छात्रों के खाते में ₹50,000, ₹60,000 या ₹65,000 तक की रकम पहुंच गई। यह भुगतान नियमों से अधिक है, जिसे लेकर विभाग अब समाधान खोजने में लगा हुआ है।
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सामान्य वर्ग के लिए छात्रवृत्ति की तय श्रेणियां
समाज कल्याण विभाग के नियमों के मुताबिक, सामान्य श्रेणी के छात्रों को चार श्रेणियों में शुल्क प्रतिपूर्ति दी जाती है। कक्षा 11 और 12 तथा आईटीआई जैसे पाठ्यक्रमों के लिए अधिकतम ₹10,000 तक का प्रावधान है। डीएलएड, बीए और बीएससी जैसे कोर्स में अधिकतम ₹20,000 तक की राशि मिलती है। एमए और बीएड जैसे पाठ्यक्रमों के लिए अधिकतम ₹30,000 तक शुल्क प्रतिपूर्ति की जा सकती है, जबकि बीटेक और एमबीए जैसे प्रोफेशनल कोर्स में भी तय सीमा के भीतर ही भुगतान किया जाता है।
इन सीमाओं के बावजूद हालिया वितरण में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है, जिसने हजारों छात्रों को चिंता में डाल दिया है।
कैंपिंग सॉफ्टवेयर में लापरवाही से हुआ बड़ा भुगतान
इस पूरी गड़बड़ी की वजह कैंपिंग सॉफ्टवेयर के दौरान हुई लापरवाही को बताया जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि किस श्रेणी के छात्र को कितनी धनराशि देनी है, इसका सही वर्गीकरण सॉफ्टवेयर में दर्ज नहीं किया गया। इसी कारण छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की रकम तय सीमा से ज्यादा जारी हो गई। अब विभाग इस अतिरिक्त राशि को कैसे समायोजित किया जाए, इस पर विचार कर रहा है।
जिन छात्रों की स्कॉलरशिप नहीं आई, उन्हें करना होगा इंतज़ार
यह भी साफ किया गया है कि सभी सामान्य वर्ग के छात्रों की scholarship एक साथ नहीं आई है। कई ऐसे छात्र हैं जिनका data forward हो चुका है, लेकिन उनके account में अभी तक पैसा नहीं पहुंचा है। अधिकारियों के अनुसार, इस गलती का असर फिलहाल सामान्य वर्ग के छात्रों पर पड़ा है, जिसकी वजह से उनकी scholarship कुछ दिनों के लिए रोकी जा सकती है।
जानकारी के मुताबिक, सामान्य वर्ग के छात्रों को लगभग 10 से 15 दिन तक इंतज़ार करना पड़ सकता है। हालांकि एससी, एसटी, ओबीसी और माइनॉरिटी वर्ग के छात्रों का पैसा भी आएगा, लेकिन प्रक्रिया धीरे-धीरे पूरी की जाएगी।
जिनके खाते में ज्यादा पैसा आया है, वे अभी न निकालें
जिन छात्रों के account में तय रकम से ज्यादा राशि पहुंच चुकी है, उन्हें फिलहाल वह पैसा निकालने से बचने की सलाह दी गई है। विभाग की तरफ से अगर कोई notice जारी होता है, तो उसका पालन करना जरूरी होगा। यह भी संभव है कि अतिरिक्त रकम की recovery की जाए या फिर अंतिम निर्णय के बाद उस राशि को मान्य कर दिया जाए। फिलहाल इस पर अंतिम फैसला आना बाकी है।
18 मार्च से पहले बाकी छात्रों की स्कॉलरशिप आने की संभावना
जिन छात्रों का data forward हो चुका है लेकिन scholarship नहीं आई है, उनके लिए राहत की खबर यह है कि 18 मार्च से पहले भुगतान होने की संभावना जताई जा रही है। portal पर status से जुड़ी technical दिक्कत और error की वजह से 2 से 4 दिन का delay हो सकता है, लेकिन उसके बाद प्रक्रिया फिर से शुरू होने की उम्मीद है।
Conclusion
यूपी स्कॉलरशिप वितरण में हुई इस गड़बड़ी की वजह से सामान्य वर्ग के कई छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग मामले को सुलझाने में जुटा है और आने वाले दिनों में स्थिति साफ होने की उम्मीद है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे official अपडेट पर नजर रखें, अपने account से अतिरिक्त राशि न निकालें और धैर्य बनाए रखें।
FAQs:
यूपी स्कॉलरशिप में ज्यादा पैसा किन छात्रों को मिला है?
रिपोर्ट के अनुसार सामान्य वर्ग के करीब 2000 से अधिक छात्रों, खासकर बीएड कोर्स वालों को तय सीमा से ज्यादा राशि मिली है।
जिन छात्रों की स्कॉलरशिप नहीं आई है, उन्हें कितना इंतजार करना होगा?
अधिकारियों के अनुसार 10 से 15 दिन का इंतजार करना पड़ सकता है, संभवतः 18 मार्च से पहले भुगतान हो जाएगा।
यह गड़बड़ी किस वजह से हुई है?
कैंपिंग सॉफ्टवेयर में सही वर्गीकरण न होने की वजह से तय सीमा से ज्यादा भुगतान हो गया।
क्या अन्य वर्गों (SC/ST/OBC/Minority) की स्कॉलरशिप भी प्रभावित है?
फिलहाल असर सामान्य वर्ग पर पड़ा है, बाकी वर्गों की स्कॉलरशिप प्रक्रिया धीरे-धीरे पूरी की जाएगी।