UP Scholarship को लेकर इस समय समाज कल्याण विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। जानकारी सामने आ रही है कि सामान्य श्रेणी के कई छात्रों के account में निर्धारित रकम से ज्यादा छात्रवृत्ति transfer कर दी गई है। इस वजह से अब विभाग के सामने फंड को लेकर चिंता खड़ी हो गई है और आने वाले चरणों में payment पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि scholarship चार अलग-अलग श्रेणियों में तय होती है, लेकिन कुछ मामलों में इन सीमाओं का पालन नहीं हुआ। यही वजह है कि अब अधिकारी यह समझने में जुटे हैं कि आगे की process कैसे संभाली जाए और बाकी छात्रों पर इसका क्या असर पड़ेगा।
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जनरल कैटेगरी के लिए तय होती है चार तरह की रकम
सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए अलग-अलग पाठ्यक्रमों के हिसाब से पहले से तय किया जाता है कि उन्हें कितनी छात्रवृत्ति दी जाएगी। 11th और 12th कक्षा के छात्रों को 10,000 रुपये से ज्यादा नहीं मिलने चाहिए, जिसमें आमतौर पर 7,000 से 9,000 रुपये के बीच राशि आती है।
डीएलएड और आईटीआई जैसे कोर्स में पढ़ने वाले छात्रों के लिए यह सीमा 20,000 रुपये तक होती है। इसके अलावा एमए और बीएड जैसे पाठ्यक्रमों में 3,000 रुपये से ज्यादा नहीं दिए जाते, जबकि बीटेक, एमबीबीएस और एमबीए जैसे कोर्स में अधिकतम 500 रुपये तक का प्रावधान बताया गया है। इन्हीं चार श्रेणियों के आधार पर payment की जाती है, लेकिन अब खबर है कि कई छात्रों को इन सीमाओं से ज्यादा रकम मिल गई।
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फंड कम हुआ तो आगे के भुगतान पर पड़ सकता है असर
जानकारी के मुताबिक जब तय रकम से ज्यादा पैसा चला गया तो कुल फंड में कमी आ गई है। इसी वजह से समाज कल्याण विभाग अब इस बात पर चर्चा कर रहा है कि आगे क्या फैसला लिया जाए।
संभावना जताई जा रही है कि दूसरे फेज में जिन छात्रों को payment मिलनी है, उन्हें कम राशि दी जा सकती है या फिर किसी तरह से भरपाई की जा सकती है, हालांकि अंतिम निर्णय विभाग की तरफ से ही होगा। बताया गया है कि हाल ही में करीब 34,000 सामान्य श्रेणी के छात्रों को छात्रवृत्ति दी गई थी और कई मामलों में पूरी फीस ही भेज दी गई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
16,000 छात्रों के आवेदन हो सकते हैं रिजेक्ट
प्रयागराज से जुड़ी एक और अहम खबर सामने आई है। यहां करीब 16,000 छात्रों के scholarship form पेंडिंग बताए जा रहे हैं। इन मामलों में किसी ने online आवेदन के बाद उसकी hard copy कॉलेज में जमा नहीं कराई, तो किसी का biometric नहीं हुआ।
कुछ छात्रों ने दो बार आवेदन भी कर दिया था। ये सभी मामले काफी समय से लंबित चल रहे थे, इसलिए अब ऐसे form को reject करने की तैयारी की जा रही है। जिन छात्रों का form forward नहीं हुआ है या जरूरी प्रक्रिया अधूरी है, उनके लिए यह बड़ी परेशानी बन सकती है।
स्टेटस अपडेट में देरी, छात्रों को इंतजार करने की सलाह
कई छात्रों का कहना है कि उनका scholarship status लंबे समय से नहीं बदल रहा है। विभाग में चल रही इन तमाम गतिविधियों की वजह से फिलहाल काम धीमा पड़ा हुआ है। छात्रों को सलाह दी जा रही है कि वे समय-समय पर portal पर अपना status check करते रहें और PFMS पर भी जानकारी देखते रहें।
31 तारीख के बाद आगे जो भी बदलाव होंगे, उनका असर status में दिखाई दे सकता है। इसलिए घबराने की बजाय थोड़ा इंतजार करना ही बेहतर माना जा रहा है।
Conclusion
UP Scholarship को लेकर इस समय विभागीय स्तर पर हलचल तेज है। सामान्य श्रेणी के कुछ छात्रों को तय सीमा से ज्यादा रकम मिलने की वजह से फंड पर दबाव बना है, वहीं हजारों पेंडिंग आवेदन reject होने की स्थिति में हैं। छात्रों को फिलहाल अपना status लगातार check करते रहने और आधिकारिक अपडेट का इंतजार करने की सलाह दी जा रही है।
FAQs:
UP Scholarship में गड़बड़ी किस कैटेगरी में हुई है?
यह गड़बड़ी सामान्य (General) श्रेणी के छात्रों के भुगतान में सामने आई है।
क्या आगे के फेज की स्कॉलरशिप पर असर पड़ेगा?
संभावना है कि फंड कम होने पर आगे के भुगतान में बदलाव किया जा सकता है।
जिनका scholarship status अपडेट नहीं हो रहा, उन्हें क्या करना चाहिए?
छात्रों को portal और PFMS पर नियमित status check करने और आधिकारिक अपडेट का इंतजार करने की सलाह दी गई है।
छात्रों को तय सीमा से ज्यादा पैसा क्यों मिला?
चार तय श्रेणियों के बावजूद payment के दौरान सीमाओं का पालन नहीं हो पाया।